राजस्थान का पहला मंत्रिमंडल | राजस्थान के पहले शिक्षामंत्री ग्रह मंत्री उद्योग मंत्री

कैसा था राजस्थान का प्रथम मंत्रिमंडल, राजस्थान के पहले मंत्रिमंडल में किस-किस को मंत्री बनाया गया था:

राजस्थान के जिस वास्तविक स्वरूप को आज आप देख रहे है यह 01 नवंबर 1956 को अस्तित्व में आया था। इससे पूर्व राजस्थान अनेक रियासतों में बटाँ हुआ था। राजस्थान के एकीकरण का कार्य कुल 07 चरणों में संपन्न हुआ था। जब 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ था तब राजस्थान में बहुत सी रियासते मौजूद थी, सरकार के सामने इन सभी रियासतों को एक करके एक राज्य का रूप देना भी एक असंभव सा कार्य था। लेकिन सरदार वल्लभ पटेल, जयनारायण व्यास, माणिक्य लाल वर्मा जैसे महान व्यक्तियों के प्रयासों से यह सफल हो पाया। एकीकरण के समय राजस्थान में कुल 19 रियासतें, 3 ठिकाने (लावा – जयपुर, कुशलगढ़ – बांसवाड़ा, निमराणा – अलवर) तथा एक मुख्य केंद्र अजमेर – मेरवाड़ा था। राजस्थान के एकीकरण में कुल 08 वर्ष 07 माह और 14 दिन का समय लगा था।

राजस्थान के एकीकरण के चरण

  • प्रथम चरण
        • मत्स्य संघ – 18 मार्च 1948
  • द्वितीय चरण
        • पूर्व राजस्थान – 25 मार्च 1948
  • तृतीय चरण
        • संयुक्त राजस्थान – 18 अप्रैल 1948
  • चतुर्थ चरण
        • वृहद राजस्थान – 30 मार्च 1949
  • पंचम चरण 
        • संयुक्त वृहद राजस्थान – 15 मई 1949
  • षष्ठम चरण
        • राजस्थान संघ – 26 जनवरी 1950
  • सप्तम चरण
        • वर्तमान राजस्थान – 01 नवंबर 1956

राजस्थान में मंत्रिमंडल का स्वरूप वृहद राजस्थान – 30 मार्च 1949 बनने के क्रम में आया था। एकीकरण के चतुर्थ चरण में जहां वृहद राजस्थान बना था तो इसकी राजधानी – जयपुर बनाई गई थी। 

  • राजप्रमूख – मानसिंह द्वितीय
  • उपराजप्रमुख – भीमसिंह
  • प्रधानमंत्री – पंडित हीरालाल शास्त्री
  • उद्घाटनकर्ता – सरदार वल्लभ भाई पटेल

एकीकरण के इसी चरण में राजस्थान में कुल 05 विभाग भी स्थापित किए गए थे जो निम्न प्रकार से है –

  1. शिक्षा विभाग – बीकानेर
  2. कृषि विभाग – भरतपुर
  3. वन विभाग – कोटा
  4. न्याय विभाग – जोधपुर
  5. खनिज विभाग – उदयपुर

इसी चरण में राजस्थान के प्रथम मुख्यमंत्री / प्रधानमंत्री के पद का स्वरूप सामने आया साथ ही मंत्रिमंडल का स्वरूप भी देखने को मिला।

राजस्थान का प्रथम मंत्रिमंडल निम्न प्रकार से था –

  • मुख्यमंत्री / प्रधानमंत्री – पंडित हीरालाल शास्त्री
  • राजप्रमूख – महाराजा सवाई मानसिंह
  • यातायात मंत्री – श्री भूरेलाल बया
  • ग्रह एवम् शिक्षा मंत्री – श्री प्रेमनारायण माथुर
  • उद्योग मंत्री – श्री सिद्धराज ढड्ढा
  • नागरिक आपूर्ति मंत्री – श्री रघुवरदयाल गोयल

प्रजामंडल में कुछ महत्वपूर्ण व्यक्ति

श्री भूरेलाल बया

  • उनका जन्म 1904 में हुआ था।
  • उन्होंने साइमन कमीशन, 1928 और महात्मा गांधी के नमक सत्याग्रह के खिलाफ आंदोलन में भाग लिया, जिसे 1930 में दांडी मार्च कहा गया।
  • वह 1930 में महात्मा गांधी के साथ पुणे की यरवदा जेल में भी थे।
  • 1938 में उन्हें प्रजा-मंडल के उपाध्यक्ष के रूप में भी चुना गया था।
  • प्रजा मंडल के विघटन के खिलाफ आंदोलन के बाद उन्होंने 13 महीने शारदा जेल में बिताए।
  • उन्होंने मेवाड़ में चरखा मंडल की शुरुआत की और 1942 में महात्मा गांधी द्वारा बुलाए गए भारत छोड़ो आंदोलन में भी भाग लिया और 18 महीने तक उदयपुर की इस्वाल जेल में सेवा की।
  • फिर, उन्होंने खारी नदी के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए मेवाड़ रिलीफ सोसाइटी की स्थापना की।
  • श्री भूरेलाल ने बिजोलिया प्रजा मंडल सत्र का नेतृत्व किया और प्रजा मंडल की उपलब्धियों के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।

श्री प्रेम नारायण माथुर

  • उनका जन्म 15 अक्टूबर 1912 को कुराबाद में हुआ था।
  • उन्होंने 1937 में ‘राजस्थान सप्ताहिक’ के लिए काम करना शुरू किया।
  • उन्होंने 1938 के प्रजामंडल आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन, 1942 में सक्रिय रूप से भाग लिया।
  • उन्हें श्री हीरालाल शास्त्री के साथ राजस्थान के प्रथम मुख्यमंत्री के मंत्रिमंडल में चुना गया, जहाँ उन्हें गृह और शिक्षा मंत्री के रूप में चुना गया।

रघुवरदयाल गोयल   

  • रघुवरदयाल का जन्म 21 मार्च 1908 को बिकानेर में हुआ था
  • यह पेशे से वकील और विद्यार्थी जीवन से ही राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत थे
  • इनके पिता वकील झमन लाल गोयल बीकानेर राज्य की असेंबली के सदस्य थे
  • रघुवरदयाल 1932 से स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय हुए 22 जुलाई 1942 को रघुवर दयाल की अध्यक्षता में बीकानेर राज्य परिषद की स्थापना हुई थी 
  • बीकानेर राज्य परिषद की स्थापना का उद्देश्य महाराजा गंगासिंह जी की छत्रछाया में बीकानेर राज्य में उत्तरदायी शासन की स्थापना करना था
  • रघुवर दयाल को 29 जुलाई 1942 को बीकानेर राज्य से निर्वासितकिया गया था
  • 29 सितंबर 1942 को रघुवर दयाल  बिकानेर लौटआए थे
  • बीकानेर लौटने पर इन्हें चीलो स्टेशन के पास रेल रुकवा कर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था 1 वर्ष की सख्त कैद की सजा के बाद  1943को यह जेल से आजाद हुए थे
  • जेल से रिहा होकर इन्होंने बीकानेर में खादी मंदिर की स्थापना की थी
  • महाराजा शार्दूलसिंह ने खादी मंदिर बंदकरवा दिया था
  • खादी मंदिर बंद कर देने के बाद रघुवर दयाल ने कंधे पर रखकर खादी बेचनेलगे थे
  • 30 मार्च 1949 को हीरालाल शास्त्री के नेतृत्व में बनी राजस्थान की पहली सरकार में रघुवर दयाल गोयल को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया
  • इन्हें खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री बनाया गया
  • रघुवरदयाल गोयल ने कलकत्ता में प्रजा परिषद की शाखा कायम की
  • वहां से आज का बिकानेर नामक समाचार पत्रभी प्रकाशित किया
  • 1932 में इन्होंने राजद्रोह के आरोप में कैद राष्ट्रभक्तों के मुकदमों की पैरवी कर राज्य को नाराजकर दिया था

तो यह था राजस्थान का पहला मंत्रिमंडल, इस पोस्ट के माध्यम से आपको कुछ नया सीखने को मिला होगा और राजस्थान के इतिहास के बारे में भी पता चला होगा। यदि आपको हमारा काम पसंद आए तो इस पोस्ट को अपने दोस्तों और विभिन्न ग्रुप में जरूर शेयर करें।

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