राजस्थान में जन कल्याणकारी योजनाएं pdf : Rajasthan me jan kalyankaari yojanaye

राजस्थान रीट मुख्य भर्ती परीक्षा 2022 के नवीनतम सिलेबस में राजस्थान में जन कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित नया टॉपिक दिया गया है अतः इस टॉपिक से संबंधित है प्रश्न आगामी रीट भर्ती परीक्षा में जरूर से पूछे जाएंगे इसलिए हमें इस टॉपिक को अच्छे से समझना होगा और इससे संबंधित जितने भी महत्वपूर्ण तथ्य है उन को कवर करना होगा।

राजस्थान में योजनाओं की अगर हम बात करें तो वर्तमान में लगभग 500 योजनाएं चल रही है, इन सभी योजनाओं में से राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं को हमने पहले पढ़ लिया था आप उनको भी जाकर देख सकते है। फ्लैगशिप योजनाओं के अतिरिक्त बाकी बची सभी योजनाओं में से हमें जन कल्याणकारी योजनाओं को आज के इस आर्टिकल में कवर करेंगे। इसमें हम जन कल्याणकारी योजनाओं को विभागों के आधार पर देखेंगे जैसे कृषि विभाग की प्रमुख योजनाएं चिकित्सा विभाग की प्रमुख योजनाएं अल्पसंख्यक विभाग की प्रमुख योजनाएं तो इस प्रकार से हम विभागों में विभाजित करके इन योजनाओं को देखेंगे।

राजस्थान में जन कल्याणकारी योजनाएं
राजस्थान में जन कल्याणकारी योजनाएं

राजस्थान में जन कल्याणकारी योजनाएं: जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट होता है जन कल्याणकारी योजनाएं अर्थात वे योजनाएं जिनसे आम जन या आम जनता का कल्याण हो या फिर आम जनता की सहायता के लिए जिनको बनाया गया हो वह सभी योजनाएं जन कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत आती है, अतः हम प्रमुख जन कल्याणकारी योजनाओं को विस्तार पूर्वक पढ़ेंगे।

राजस्थान में प्रमुख जन कल्याणकारी योजनाएं 

राजस्थान में चल रही प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं का विवरण आगे विभागवार दिया जा रहा है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग (Medical and Health Department) की प्रमुख योजनाएं

राजस्थान में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का विवरण निम्न प्रकार से है –

मुख्यमंत्री नि:शुल्क जाँच योजना

  • विभाग – चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य विभाग
  • योजना प्रारम्भ : 2013
  • वित्त पोषित : राज्य

मुख्य उद्देश्य : सभी मरीजों की निःशुल्क जाँच करना. राजस्थान के निवासी जो किसी अस्पताल में स्वास्थ्य जाँच अथवा किसी बीमारी से ग्रस्त हो कर आते है उनका सर्वप्रथम अस्पताल में रजिस्ट्रेशन किया जाता है. फिर चिकित्सक द्वारा दी गई परामर्श के अनुसार उक्त मरीज की निशुल्क जाँच की जाती है. 

योजना के अंतर्गत राज्य के सभी चिकित्सा संस्थानों यथा मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध चिकित्सालयों में 90, जिला, उपजिला में 56, सामुदायिक स्वास्थ्या केन्द्रों में 37 तथा प्राथमिक स्वास्थ्या केन्द्रों – डिस्पेंसरी चिक्तिसलायो  में  15 प्रकार की जांचे निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है.

मुख्यमंत्री बालिका संबंल योजना

  • विभाग – चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य विभाग
  • योजना प्रारम्भ : अप्रेल, 2007
  • वित्त पोषित : राज्य
  • योजना का प्रकार : व्यक्तिगत

मुख्य उद्देश्य : राज्य के ऐसे दम्पत्ति जिनके पुत्र नही है और एक या दो बालिकाऐं होने पर नसबन्दी करा लेते है तो उन्हे बालिका संबंल योजना के अन्तर्गत प्रत्येक बालिका के नाम से 10-10 हजार रूपये की राषि यू.टी.आई. म्युचूअल फण्ड की सी.सी.पी. योजना के अन्तर्गत जमा करवाते हुये बाॅण्ड उपलब्ध करवाये जाती है। बालिका की 18 वर्ष की आयु होने पर उक्त बाॅण्ड परिपक्ता होगा जिस पर यू.टी.आई. म्युचूअल फण्ड से एक तय राशि प्राप्त होती है।

मोबाईल मेडिकल यूनिट

  • विभाग : चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य विभाग
  • योजना प्रारम्भ : 2008
  • वित्त पोषित : केन्द्र
  • योजना का प्रकार : व्यक्तिगत

राज्य में ऐसे क्षेत्रों जहॉ चिकित्सा संस्थानों का अभाव या चिकित्सा सुविधाएं अनुपलब्ध है वहॉ मेडिकल मोबाइल सेवाओं के माध्यम से आम जनता को चिकित्सा सुविधाएं उनके निवास के निकट उपलब्ध करवाई जा रही है। जिसमें 295 मोबाईल मेडिकल वाहनों का संचालन राज्य के 33 जिलों के 295 खण्ड स्तर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिषन (एन.एच.एम.) के अंतर्गत किया जा रहा है। एक मेडिकल मोबाईल वैन (एम.एम.वी) में एक वाहन जिसमें निर्धारित आवष्यक 75 औषधियों एवं 06 निर्धारित जॉच सुविधा मय एक चिकित्सक, एक ए.एन.एम अथवा नर्सग्रेड।।, एक लैब टेक्निष्यिन एक फार्मास्सिट,एवं एक वाहन चालक होते है। 

मेडिकल मोबाईल यूनिट ;एम.एम.यूद्ध में दो वाहन होते हैं। जिनमे एक वाहन (डायगनोस्टिक वाहन) मे निर्धारित आवष्यक  औषधियों एवं  निर्धारित जॉच सुविधाओं हेतु उपकरण (ई.सी.जी, सेमिऑटोएनेलाईजर,एवं एक्स-रे आदि) तथा दूसरे वाहन में एक चिकित्सक, एक ए.एन.एम अथवा नर्सग्रेड ।।, एक लैब टेक्निष्यिन एक फार्मास्सिट ,एक सहायक रेडियोग्राफर एवं एक वाहन चालक रहते हैं। इस प्रकार के 6 वाहन देवनारायण योजनान्तर्गत डांग क्षेत्रों की चुनिंदा 6 तहसीलों सपोटरा-जिला करौली, खंडार- जिला सवाई माधोपुर, मनोहरथाना-जिला झालावाड, बसेडी-जिला धौलपुर, रूपवास एवं बयाना-जिला भरतपुर  में संचालित की जा रही है। शेष 289 वाहन मेडिकल मोबाईल वैन (एम.एम.वी) के रूप मे संचालित वाहनों में जॉच सुविधाओं हेतु उपकरण (ग्लूकोमीटर, हीमोग्लोबीनोमीटर एवं बी.पी अपरेटस आदि) हैं। 

निर्धारित जॉच सुविधाओं में ऑन-दी-स्पॉट यूरीन जॉच (एलब्यूमिन,षुगर,माईक्रोस्कोपी), ब्लड काउन्ट (टी.एल.सी,डी.एल.सी. एवं ई.एस.आर.) हिमोग्लोबिन, ब्लड -षुगर,,ब्लीडिंग एवं क्लोटिंग टाईम एवं प्रेगनेन्सी टेस्ट आदि सम्मिलित हैं।

इन वाहनों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक मास 20 शिविरों का आयोजन कर आमजन को निःशुल्क चिकित्सा सुविधाएं प्रदत्त की जा रही है। इनमें प्रमुख रूप से निशूल्क निदान सेवाएं,उपचारात्मक सेवायें, प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य सेवायें, परिवार नियोजन सेवाये एवं वर्तमान मे कोविड-19 महामारी के चलते अप्रेल 2020 से कोविड संबंधी जांच एवं कोविड टीकाकरण किया जा रहा है।

इन वाहनो का परवेक्षण मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं संबंधित खण्ड मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के नियन्त्रण में किया जाता है। इन मोबाईल मेडिकल सेवाओं के माध्यम से वर्तमान वित्तीय वर्ष 2021-22 में (माह फरवरी 2022 तक) 47018 शिविरों का आयोजन कर 2756029 मरीजों को लाभन्वित किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना

  • विभाग : चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य विभाग
  • वित्त पोषित :राज्य
  • योजना का प्रकार : पारिवारिक, व्यक्तिगत
  1. Mukhyamantri Chiranjeevi Swasthya Bima Yojana के माध्यम से राजस्थान के प्रत्येक परिवार को ₹500000 तक के कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की जाएगी।
  2. इस योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 के लाभार्थियों को पंजीकरण करवाने की आवश्यकता नहीं है।
  3. आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से लघु व सीमांत कृषक, संविदा कर्मी एवं अन्य लाभार्थी खुद रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं या फिर ई मित्र पर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।
  4. इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने के लिए जन आधार नंबर या जन आधार पंजीयन रसीद होना अनिवार्य है।
  5. यदि आपके पास जन आधार कार्ड नहीं है तो आपको इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए सर्वप्रथम जन आधार नामांकन करवाना होगा।
  6. इस योजना के अंतर्गत 1 से 10 अप्रैल 2021 तक ग्राम पंचायत स्तर पर पंजीकरण के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
  7. लाभार्थी द्वारा 1 अप्रैल से लेकर 30 अप्रैल 2021 तक खुद या फिर ई मित्र के माध्यम से भी रजिस्ट्रेशन करवाया जा सकता है।
  8. योजना का लाभ 1 मई 2021 से ।
  9. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, सामाजिक आर्थिक जनगणना के पात्र परिवार, लघु एवं सीमांत कृषक व संविदा कर्मी का बीमा प्रीमियम राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
  10. इसके अलावा अन्य परिवारों को ₹850 प्रति वर्ष प्रीमियम का भुगतान करना होगा

मुख्यमंत्री शुभल़क्ष्मी योजना

  • विभाग : चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य विभाग
  • योजना प्रारम्भ : 1 अप्रैल, 2013
  • योजना का प्रकार : व्यक्तिगत, सामूहिक

राज्य में बालिका जन्म को प्रोत्साहन देने एवं मातृ मृत्यु दर को कम करने के उद्धेष्य से 1 अप्रैल, 2013 से लागू की गई थी। जिसके अन्तर्गत बालिका जन्म पर प्रसूताओं को प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

❁ ➤वर्तमान में 1 जून, 2016 से मुख्यमंत्री राजश्री योजना चालू होने के फलस्वरूप यह योजना बन्द कर दी गई है। योजना में प्रथम व द्वितीय परिलाभ से लाभांवित बालिकाओं को 1 अप्रैल, 2018 से तृतीय परिलाभ दिया जा रहा है।

निरोगी राजस्थान

  • विभाग : चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य विभाग
  • योजना प्रारम्भ : 17-12-2019
  • वित्त पोषित : राज्य
  • योजना का प्रकार : सामूहिक

मुख्य उद्देश्य: निरोगी राजस्थान प्रदेश में स्वस्थ्य हेतु 17 दिसम्बर 2019 को पहला सुख निरोगी काया के उद्देश्य से अभियान की शुरुआत की गई. अभियान का उद्देश्य बुजुर्गो महिलाओं तथा बच्चों उचित देखभाल प्रदान करने के साथ साथ संचारी तथा गैर संचारी बीमारीयों, टीकाकरण और नशा मुक्ति, खाद्य असुरक्षा  जैसी समस्याओ के लिए बेहतर सेवाये प्रदान करना है.

ESanjeevani OPD Teleconsultation Services

  • विभाग : चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य विभाग
  • योजना प्रारम्भ : 04-05-2020
  • योजना का प्रकार : पारिवारिक, व्यक्तिगत, सामूहिक

मुख्य उद्देश्य : ईसंजीवनी टेली कंसल्टेशन राष्ट्रीय स्वस्थ्य मिशन के अंतर्गत चिकित्सा एवम स्वास्थ्य विभाग राजस्थान द्वारा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय , भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय टेली कंसल्टेशन नेटवर्क की दिनाक 04-05-2020 को प्रारम्भ की गई. जिससे मरीज घर से सुरक्षित तरीके से ऑनलाइन चिकित्सक की सेवाएँ निशुल्क प्राप्त कर सकता है.राजस्थान में यह सुविधा 100 चिन्हित चिकित्सा संस्थानों द्वारा दी जा रही है।

बीपीएल देशी घी योजना

  • विभाग : चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य विभाग
  • योजना प्रारम्भ : 2009
  • योजना का प्रकार : व्यक्तिगत, सामूहिक

मुख्य उद्देश्य : इस योजना के अन्तर्गत सम्मिलित श्रेणी केे परिवारों की प्रसूताओं को प्रथम प्रसव पर संस्थागत होने की स्थिति मे प्रसवोपरान्त अस्पताल से छुट्टी के समय 5 लीटर सरस घी का कूपन उपहार स्वरुप प्रदान किया जाता है। 

चिन्ह्ति 7 जिलों (टोंक, धौलपुर, चुरु, जैसलमेर, झुन्झुनू, बारां एवं बांसवड़ा) में 3 लीटर देशी घी का कूपन महिला को प्रसव पूर्व चौथे से छठे माह (91वें से 180वें दिवस) में प्रसव पूर्व जांच के समय व 2 लीटर घी का कूपन संस्थागत प्रसव होने की स्थिति में चिकित्सा संस्थान से छुट्टी के समय दिया जाता है।

शुद्ध के लिए युद्ध

  • विभाग : चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य विभाग
  • वित्त पोषित : राज्य
  • योजना प्रारम्भ : 14.10.2020

अभियान को दिनाक 14.10.2020 से निरंतंर समस्त प्रदेश में लागू किया गया है। अभियान के अंतर्गत सभी प्रकार के खाद्य पदार्थो में मिलावट हेतु जाँच की जाती है। मिलावट पाए जाने पर नियमानुसार खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 एवं विनियम 2011 के अनतर्गत कारर्वाई की जाती है।

राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम

  • विभाग : चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य विभाग
  • योजना प्रारम्भ : 1970-71
  • वित्त पोषित : राज्य सरकार : 40%
  • केन्द्रीय सरकार : 60%
  • योजना का प्रकार : पारिवारिक, व्यक्तिगत, सामूहिक
  • पात्र- सभी कुष्ठ प्रभावित व्यक्ति

उपयुक्त सभी योजनाएं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख जन कल्याणकारी योजनाओं में शामिल है अन्य विभागों के प्रमुख जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी जल्द ही अपडेट की जाएगी इसलिए हमारी वेबसाइट को बुकमार्क कर ले।

राष्ट्रीय मुख स्वास्थ्य कार्यक्रम

  • विभाग : चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य विभाग
  • योजना प्रारम्भ : 2014-15
  • वित्त पोषित : राज्य सरकार : 40%
  • केन्द्रीय सरकार : 60%
  • योजना का प्रकार : व्यक्तिगत

अन्य विभागों की जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जल्द ही अपडेट की जाएगी

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